
भगवान बलभद्र जी की पूजा में चढ़ाई जाने वाली सामग्री को आप अपनी समाज की परंपरा/विवाह संस्कार के अनुसार इस तरह व्यवस्थित कर सकते हैं:
🙏 भगवान बलभद्र जी की पूजा एवं भोग सामग्री
🌿 पूजा सामग्री
- भगवान बलभद्र जी की प्रतिमा/चित्र
- कलश, जल एवं गंगाजल
- अक्षत (चावल)
- रोली/कुमकुम
- चंदन
- मौली/कलावा
- पुष्प एवं माला
- धूप एवं अगरबत्ती
- दीपक एवं घी/तेल
- कपूर
- पान, सुपारी
- नारियल
- दूर्वा एवं अन्य पूजन सामग्री
🍚 कच्ची रसोई का भोग
- भात
- दाल
- बरी
- बजका
- अदौरी
- फुलौरा
- पापड़
- दही
- हरी सब्जियाँ
- मौसमी/परंपरागत अन्य सात्त्विक व्यंजन
🍌 फल एवं अन्य भोग
- केला
- नारियल
- सेब/मौसमी फल
- मिठाई
- गुड़ या चीनी
- पंचामृत
🪔 भोग लगाने की परंपरा
कच्ची रसोई के सभी व्यंजनों को अलग-अलग तैयार करके एक थाली में सजाया जाता है और भगवान बलभद्र जी को श्रद्धापूर्वक भोग अर्पित किया जाता है। भोग के पश्चात इन व्यंजनों को एक साथ मिलाकर प्रसाद बनाया जाता है।
समाज में प्रचलित मान्यता के अनुसार, यह पावन प्रसाद मुख्य रूप से उसी परिवार के सदस्यों को दिया जाता है, जहाँ विवाह सम्पन्न होना होता है।
नोट: कच्ची रसोई और भोग की सामग्री अलग-अलग क्षेत्रों एवं परिवारों की परंपरा के अनुसार कुछ भिन्न हो सकती है। इसलिए आपकी कलवार समाज की स्थानीय परंपरा में जो सामग्री निश्चित रूप से प्रचलित है, उसे प्राथमिकता देना उचित होगा।